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बिहार: सारण में बाढ़ का कहर, गंगा और गंडक का जलस्तर बढ़ने से 95 स्कूलों में लटका ताला

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छपरा: बिहार के सारण जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा और गंडक नदी के जलस्तर में हुई भारी वृद्धि के कारण जिले के कई तटीय और निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के पानी के गांवों और स्कूलों में प्रवेश करने के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने सोनपुर और छपरा सदर प्रखंड के कुल 95 सरकारी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद करने का निर्देश जारी किया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ का पानी कई विद्यालयों के परिसरों और कमरों में घुस चुका है। वहीं कई स्कूलों तक जाने वाले मुख्य मार्ग भी 3 से 4 फीट पानी में डूब गए हैं। ऐसी स्थिति में बच्चों और शिक्षकों को होने वाले संभावित खतरों को देखते हुए इन 95 स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। बंद किए गए स्कूलों में प्राथमिक, मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। गंगा और गंडक नदियों के उफान पर होने के कारण सोनपुर और छपरा सदर प्रखंड के दियारा (नदी तटीय) क्षेत्रों में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिल रही है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें जलमग्न हो चुकी हैं और लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। स्थानीय ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों और ऊंचे बांधों पर शरण लेनी पड़ रही है। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आ जाता और स्कूलों से पानी पूरी तरह नहीं निकल जाता, तब तक स्कूल बंद रहेंगे। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए विभाग ऑनलाइन माध्यम या बाढ़ का पानी घटने के बाद अतिरिक्त कक्षाएं चलाने की योजना पर विचार कर रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार मुस्तैद हैं।