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IPL 2027 Mega Auction Updates: रिटेंशन नियमों पर टिकी फ्रेंचाइजियों की नजरें, जानें क्या हो सकते हैं बड़े बदलाव
नई दिल्ली/खेल डेस्क:इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2027) के आगामी बड़े सीजन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और सभी 10 फ्रेंचाइजियों के बीच अंदरूनी रणनीतियों का दौर तेज हो चुका है। मेगा ऑक्शन से पहले टीम के कोर ग्रुप को बनाए रखने के लिए रिटेंशन नियमों (Player Retention Rules) और राइट टू मैच (RTM) कार्ड की संख्या को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। अपनी कोर टीम को सुरक्षित रखने की कवायद में जुटी फ्रेंचाइजियों के लिए आगामी नियम बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।रिटेंशन संख्या और RTM पर चर्चा तेजक्रिकेट गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, आगामी सीजन के लिए बीसीसीआई फ्रेंचाइजियों को अधिकतम 5 से 6 खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति दे सकता है। इसमें सीधे रिटेंशन और राइट टू मैच (RTM) विकल्प का एक संतुलित कॉम्बिनेशन देखने को मिल सकता है।विदेशी और अनकैप्ड खिलाड़ी: नियमों के ब्लूप्रिंट के मुताबिक, रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों में अधिकतम 5 कैप्ड (भारतीय या विदेशी) और अधिकतम 2 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों का विकल्प शामिल किया जा सकता है।इम्पैक्ट प्लेयर रूल: युवा भारतीय खिलाड़ियों को मिलने वाले मंच और खेल के रोमांच को देखते हुए 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को आगामी चक्र तक जारी रखने की प्रबल संभावना है।पर्स और सैलरी कैप में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीदआगामी सीजन के लिए टीमों के कुल बजट यानी पर्स (Salary Cap) में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। पिछले चक्रों की तुलना में खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू और बोर्ड के राजस्व को देखते हुए इसे ₹120 करोड़ से लेकर ₹150 करोड़ से अधिक तक ले जाने की योजना है। इसके अलावा, विदेशी और घरेलू खिलाड़ियों के लिए प्रति मैच मिलने वाली फीस के ढांचे में भी सुधार की बात सामने आ रही है।विदेशी खिलाड़ियों के लिए सख्त हो सकते हैं नियमअक्सर देखा गया है कि नीलामी (Auction) में मोटी रकम पर चुने जाने के बाद कुछ विदेशी खिलाड़ी निजी कारणों का हवाला देकर टूर्नामेंट से हट जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बोर्ड आगामी चक्र में कड़े नियम लागू कर सकता है, जिसके तहत बिना किसी ठोस मेडिकल कारण के नाम वापस लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों पर दो साल का कड़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।अधिकारिक तौर पर इन नियमों की अंतिम घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है, जिसके बाद सभी टीमें अपनी रिटेंशन लिस्ट को फाइनल रूप देना शुरू करेंगी।
नई दिल्ली/खेल डेस्क:इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2027) के आगामी बड़े सीजन को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और सभी 10 फ्रेंचाइजियों के बीच अंदरूनी रणनीतियों का दौर तेज हो चुका है। मेगा ऑक्शन से पहले टीम के कोर ग्रुप को बनाए रखने के लिए रिटेंशन नियमों (Player Retention Rules) और राइट टू मैच (RTM) कार्ड की संख्या को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे हैं। अपनी कोर टीम को सुरक्षित रखने की कवायद में जुटी फ्रेंचाइजियों के लिए आगामी नियम बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।रिटेंशन संख्या और RTM पर चर्चा तेजक्रिकेट गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, आगामी सीजन के लिए बीसीसीआई फ्रेंचाइजियों को अधिकतम 5 से 6 खिलाड़ियों को रिटेन करने की अनुमति दे सकता है। इसमें सीधे रिटेंशन और राइट टू मैच (RTM) विकल्प का एक संतुलित कॉम्बिनेशन देखने को मिल सकता है।विदेशी और अनकैप्ड खिलाड़ी: नियमों के ब्लूप्रिंट के मुताबिक, रिटेन किए जाने वाले खिलाड़ियों में अधिकतम 5 कैप्ड (भारतीय या विदेशी) और अधिकतम 2 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों का विकल्प शामिल किया जा सकता है।इम्पैक्ट प्लेयर रूल: युवा भारतीय खिलाड़ियों को मिलने वाले मंच और खेल के रोमांच को देखते हुए 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम को आगामी चक्र तक जारी रखने की प्रबल संभावना है।पर्स और सैलरी कैप में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीदआगामी सीजन के लिए टीमों के कुल बजट यानी पर्स (Salary Cap) में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। पिछले चक्रों की तुलना में खिलाड़ियों की ब्रांड वैल्यू और बोर्ड के राजस्व को देखते हुए इसे ₹120 करोड़ से लेकर ₹150 करोड़ से अधिक तक ले जाने की योजना है। इसके अलावा, विदेशी और घरेलू खिलाड़ियों के लिए प्रति मैच मिलने वाली फीस के ढांचे में भी सुधार की बात सामने आ रही है।विदेशी खिलाड़ियों के लिए सख्त हो सकते हैं नियमअक्सर देखा गया है कि नीलामी (Auction) में मोटी रकम पर चुने जाने के बाद कुछ विदेशी खिलाड़ी निजी कारणों का हवाला देकर टूर्नामेंट से हट जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बोर्ड आगामी चक्र में कड़े नियम लागू कर सकता है, जिसके तहत बिना किसी ठोस मेडिकल कारण के नाम वापस लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों पर दो साल का कड़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।अधिकारिक तौर पर इन नियमों की अंतिम घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है, जिसके बाद सभी टीमें अपनी रिटेंशन लिस्ट को फाइनल रूप देना शुरू करेंगी।