आज का पंचांग: अमावस्या पर विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्य ग्रहण का समय
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राष्ट्रीय: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को देश भर में 'हरियाली अमावस्या' के रूप में बेहद श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। पितृ तर्पण, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के कार्यों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। आज श्रावण मास का समापन हो रहा है और कल से भाद्रपद (भादो) मास की शुरुआत होगी।आज का मुख्य पंचांगविक्रम संवत: 2083 (नल नाम संवत्सर)शक संवत: 1948तिथि: अमावस्या (रात्रि 11:06 बजे तक, इसके बाद प्रतिपदा)नक्षत्र: पुष्य नक्षत्र (सुबह 07:59 बजे तक, इसके बाद आश्लेषा नक्षत्र)योग: व्यतीपात योग (दोपहर 03:26 बजे तक, इसके बाद वरीयान योग)सूर्य और चंद्र राशि: सूर्य और चंद्रमा दोनों आज कर्क राशि में विराजमान रहेंगे।सूर्योदय और सूर्यास्त का समयसूर्योदय: सुबह 05:49 बजेसूर्यास्त: शाम 07:03 बजेआज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए आज के शुभ समय इस प्रकार हैं:ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:23 बजे से 05:06 बजे तकविजय मुहूर्त: दोपहर 02:38 बजे से 03:31 बजे तकगोधूलि मुहूर्त: शाम 07:03 बजे से 07:25 बजे तक(नोट: आज हरियाली अमावस्या के दिन कोई भी अभिजित मुहूर्त उपलब्ध नहीं है।)आज का अशुभ समय और राहुकाल (Avoid these timings for new work)ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय अवधि में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए:राहुकाल: दोपहर 12:26 बजे से 02:05 बजे तकयमगण्ड: सुबह 07:28 बजे से 09:07 बजे तकगुलिक काल: सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तकदिशाशूल: उत्तर दिशा (यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो तिल या धनिया खाकर घर से निकलें)।विशेष: आज लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहणआज हरियाली अमावस्या पर साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 09:04 बजे से शुरू होकर मध्यरात्रि के बाद 01:21 बजे तक रहेगा। चूंकि यह ग्रहण रात में लगेगा, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।