भारतीय शेयर बाजार (Share Market)
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कच्चे तेल की आग में झुलसा दलाल स्ट्रीट: सेंसेक्स 740 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे ₹6 लाख करोड़
मुंबई: वैश्विक मोर्चे पर गहराते संकट के चलते आज घरेलू शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। 11 सितंबर 2026 को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी-50 करीब 1% की भारी गिरावट के साथ खुले। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने घरेलू बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगाड़ दिया।लाइव और पल-पल के एक्शन को ट्रैक करने के लिए निवेशक मनीकंट्रोल हिंदी मार्केट पेज या इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी पर जा सकते हैं।सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दबाव दिखा कि बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप कुछ ही मिनटों में ₹6 लाख करोड़ घटकर ₹478 लाख करोड़ रह गया। दिग्गज सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 740 अंक फिसलकर 74,160 के इंट्राडे लो पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 (Nifty 50) 250 अंकों की गिरावट के साथ 23,231 के निचले स्तर पर आ गया।बाजार में इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य वजह इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल का 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऑयल टैंकर्स पर हमलों की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, जिससे देश में महंगाई और चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ने का खतरा गहरा गया है। इसके साथ ही, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का टूटकर 95.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आना भी कमजोरी की बड़ी वजह रहा।सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा 2 से 3.5% तक की गिरावट देखी गई। टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर सबसे बड़े लूजर्स में शामिल रहे। हालांकि, इस गिरावट के बीच टीसीएस (TCS) और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों ने मामूली सहारा देने की कोशिश की।
मुंबई: वैश्विक मोर्चे पर गहराते संकट के चलते आज घरेलू शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। 11 सितंबर 2026 को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी-50 करीब 1% की भारी गिरावट के साथ खुले। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने घरेलू बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बिगाड़ दिया।लाइव और पल-पल के एक्शन को ट्रैक करने के लिए निवेशक मनीकंट्रोल हिंदी मार्केट पेज या इकोनॉमिक टाइम्स हिंदी पर जा सकते हैं।सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दबाव दिखा कि बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप कुछ ही मिनटों में ₹6 लाख करोड़ घटकर ₹478 लाख करोड़ रह गया। दिग्गज सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 740 अंक फिसलकर 74,160 के इंट्राडे लो पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 (Nifty 50) 250 अंकों की गिरावट के साथ 23,231 के निचले स्तर पर आ गया।बाजार में इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य वजह इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल का 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ऑयल टैंकर्स पर हमलों की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित होने का डर है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, जिससे देश में महंगाई और चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ने का खतरा गहरा गया है। इसके साथ ही, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का टूटकर 95.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आना भी कमजोरी की बड़ी वजह रहा।सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा 2 से 3.5% तक की गिरावट देखी गई। टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर सबसे बड़े लूजर्स में शामिल रहे। हालांकि, इस गिरावट के बीच टीसीएस (TCS) और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों ने मामूली सहारा देने की कोशिश की।